वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किम जोंग-उन से मुलाकात करने के बार-बार प्रस्ताव दिए हैं। अगर यह मुलाकात होती है, तब यह छह साल से अधिक समय में उनकी पहली मुलाकात होगी। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के प्रस्तावों के बीच, उत्तर कोरिया ने पीले सागर में समुद्र से सतह पर मार करने वाली सामरिक क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया। विश्लेषकों और विशेषज्ञों ने क्रूज मिसाइल परीक्षण को ट्रंप के प्रस्ताव को ठुकराने के रूप में देखा है। क्यूंगनाम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर लिम यूल-चुल ने इस किम द्वारा ट्रंप के दृढ़ बैठक प्रस्तावों को अस्वीकार करने की पुष्टि बताया है। प्रोफेसर लिम यूल-चुल का मानना है कि अमेरिका-उत्तर कोरिया बैठक की संभावना कम हो गई है, हालांकि जब तक ट्रंप कोरियाई प्रायद्वीप में हैं, तब तक इसकी बहुत कम उम्मीद के साथ संभावना बनी रह सकती है। किम ने पहले कहा था कि अगर वाशिंगटन परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग छोड़ देता है, तो उत्तर कोरिया अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि वे प्रतिबंधों में ढील के लिए किसी भी तरह की लेनदेन वाली बातचीत में शामिल नहीं होने वाले है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि उत्तर कोरिया बातचीत शुरू करने से पहले दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास स्थगित करने जैसे किसी बड़े समझौते की वाशिंगटन की पेशकश का इंतजार कर रहा होगा। उत्तर कोरिया ने यह मिसाइल परीक्षण राष्ट्रपति ट्रंप के दक्षिण कोरिया पहुंचने से कुछ घंटे पहले किया, जहां वह एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीए) कार्यक्रमों में भाग लेने वाले थे। ट्रंप बुधवार से गुरुवार तक दक्षिण कोरिया की यात्रा पर है। बुधवार की सुबह तक किम से मुलाकात को लेकर उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने चुप्पी साध रखी थी।
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