अक्षर पटेल का बड़ा बयान, कहा- भरोसा था आखिरी ओवर में पांच छक्के नहीं लगेंगे

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टी20 विश्वकप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में एक वक्त ऐसा आया था कि सभी सोच में पड़ गए थे 20वां ओवर कौन करेगा। इंग्लैंड को जीत के लिए 20वें ओवर में 30 रन बनाने थे। भारत अपने चार गेंदबाजों का इस्तेमाल कर चुका था और सिर्फ अक्षर पटेल का आखिरी ओवर बचा था। हालांकि, कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अहम फैसला लेते हुए गेंद शिवम दुबे को थमाई और दुबे ने निराश नहीं किया। टीम इंडिया को सात रन से जीत मिली और टीम फाइनल में पहुंच गई। मैच के बाद अब अक्षर ने खुलासा किया है कि वह आखिरी ओवर में गेंदबाजी के लिए तैयार थे और उन्हें विश्वास था कि वह पांच छक्के तो नहीं खाएंगे।

20वें ओवर में इंग्लैंड को 30 रन चाहिए थे

दरअसल, इंग्लैंड ने 15 ओवर में पांच विकेट गंवाकर 185 रन बना लिए थे। आखिरी पांच ओवर में उन्हें जीत के लिए 69 रन बनाने थे। तब भारत की ओर से बुमराह के दो ओवर बाकी थे, जबकि हार्दिक-अर्शदीप और अक्षर का एक-एक ओवर  बाकी था। भारत ने पांच गेंदबाजों से ही गेंदबाजी कराई थी। क्रीज पर जैकब बेथल और सैम करन मौजूद थे। 16वें ओवर में बुमराह ने आठ रन दिए। फिर 17वें ओवर में अर्शदीप ने 16 रन खर्च किए। 18वें ओवर में फिर बुमराह गेंदबाजी के लिए आए और छह रन दिए। 19वें ओवर में हार्दिक गेंदबाजी के लिए आए नौ रन दिए। इस तरह 20वें ओवर में 30 रन की दरकार थी। ऐसे में कप्तान के पास एक ही विकल्प थे- अक्षर पटेल। पर सूर्यकुमार ने जोखिम उठाते हुए दुबे को गेंदबाजी दी और दुबे ने अपनी जिंदगी के सबसे महत्वपूर्ण ओवर में 22 रन दिए। साथ ही इस ओवर में बेथल रन आउट भी हुए।

अक्षर पटेल ने 20वें ओवर को लेकर क्या कहा?

मैच के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बात करते हुए अक्षर ने कहा कि वह गेंदबाजी की प्रैक्टिस शुरू कर चुके थे। उन्होंने हंसते हुए बताया, 'मैं तैयार था। मैं लॉन्ग ऑफ पर खड़ा था और तैयार था। मैं बॉलिंग प्रैक्टिस भी कर रहा था। 30 रन तो बहुत, पांच छक्के तो नहीं खाऊंगा, ये पता था।' अक्षर ने तीन ओवर गेंदबाजी की और 35 रन दिए। उन्होंने खतरनाक दिख रहे टॉम बैंटन को क्लीन बोल्ड भी किया। इतना ही नहीं, अक्षर ने दो कैच लिए और एक कैच में असिस्ट भी किया।

मैच पर नजर डालें

मैच पर नजर डालें तो भारत ने टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए संजू सैमसन के 42 गेंदों पर बनाए गए 89 रन की मदद से सात विकेट गंवाकर 253 रन बनाए थे। जैकब बेथल के 48 गेंदों पर सात छक्कों और आठ चौकों की मदद से खेली गई 105 रन की यादगार पारी के बावजूद इंग्लैंड सात विकेट पर 246 रन ही बना सकी और मैच सात रन से हार गई। मैच के बाद सूर्यकुमार ने भी फील्डिंग को अहम बताया। उन्होंने कहा कि हमें फील्डिंग कोच दिलीप को श्रेय देना होगा। लड़के फील्डिंग में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। सूर्यकुमार ने कहा, 'टाइटल के लिए जाते हुए दबाव तो होगा, पर सभी उत्साहित भी हैं।' भारत का अब खिताबी मुकाबले में न्यूजीलैंड से सामना होगा। यह मैच आठ मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा।

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