काव्या मारन की टीम सनराइजर्स लीड्स ने खरीदा अबरार अहमद, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

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इंग्लैंड की लोकप्रिय लीग 'द हंड्रेड' की नीलामी में पाकिस्तानी खिलाड़ी अबरार अहमद को खरीदने के बाद हो रही आलोचन के बीच सनराइजर्स फ्रेंचाइजी की सनराइजर्स लीड्स का सोशल मीडिया अकाउंट निलंबित कर दिया गया है। प्लेटफॉर्म की ओर से इसके पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। आमतौर पर एक्स उन अकाउंट्स को सस्पेंड करता है जो उसके नियमों का उल्लंघन करते हैं।

अबरार को सनराइजर्स ने खरीदा

अबरार 'द हंड्रेड' में भारतीय स्वामित्व वाली किसी भी टीम द्वारा खरीदे गए पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी हैं। फ्रेंचाइजी ने उन्हें 2,55,000 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 2.3 करोड़ भारतीय रुपये में खरीदा। सनराइजर्स फ्रेंचाइजी को अपने इस फैसले के लिए भारत में क्रिकेट फैंस की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। फैंस के मुताबिक टीम की मालकिन काव्या मारन का पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने का फैसला देश की भावनाओं के खिलाफ है।
 
पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं खरीदने की थी चर्चा

नीलामी से पहले भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजियों द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं खरीदे जाने की चर्चा चली थी। इस दौरान संभावित 'शैडो बैन' की खबरें भी सामने आई थीं। टीम के कोच डेनियल विटोरी ने बताया कि उन्होंने साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से अबरार के बारे में राय ली थी। उसी आधार पर उन्हें टीम में शामिल करने का फैसला किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्रेंचाइजी के भीतर पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेने या न लेने को लेकर कोई विशेष मीटिंग नहीं हुई थी।

उस्मान तारिक को भी मिला खरीददार

बता दें कि 'द हंड्रेड' में पुरुषों के लिए हुई नीलामी में अबरार अहमद के अलावा उस्मान तारिक दूसरे खिलाड़ी हैं जिन्हें खरीदा गया। तारिक को बर्मिंघम फोएनिक्स ने 187,000 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 1.7 करोड़ भारतीय रुपये में खरीदा। आईपीएल की सनराइजर्स हैदराबाद ने पिछले साल 'द हंड्रेड' की लीड्स फ्रेंचाइजी का अधिग्रहण किया था।यह टीम पहले नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स के नाम से जानी जाती थी। फ्रेंचाइजी ने ईसीबी से 49 प्रतिशत और यॉर्कशायर से 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदकर टीम का नियंत्रण अपने नाम किया था।  हालांकि, नीलामी से पहले सभी आठ फ्रेंचाइजी ने यह साफ किया था कि खिलाड़ी चयन केवल प्रदर्शन, उपलब्धता और टीम की जरूरतों के आधार पर किया जाएगा। सनराइजर्स लीड्स ने अबरार को ट्रेंट रॉकेट्स के साथ बिडिंग वॉर में खरीदा। 

अबरार ने किए थे विवादित पोस्ट

विवाद की मुख्य वजह साल 2025 में कथित तौर पर अबरार द्वारा किए गए कुछ विवादित सोशल मीडिया पोस्ट बताए जा रहे हैं। उस समय भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ था और आरोप है कि अबरार ने ऐसे पोस्ट साझा किए थे जिनमें भारतीय सेना का मजाक उड़ाया गया था। जैसे ही उनके साइन किए जाने की खबर सामने आई, एक्स पर #ShameOnSRH और #BoycottSunrisers जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। आलोचकों का कहना है कि भारतीय सुरक्षा बलों का अपमान करने वाले खिलाड़ी को बड़ा कॉन्ट्रैक्ट देकर फ्रेंचाइजी मालिकों ने रणनीतिक फायदे के लिए देश की भावनाओं को नजरअंदाज किया है।कुछ लोगों ने सनराइजर्स ब्रांड का चेहरा मानी जाने वाली काव्या मारन को भी निशाने पर लिया। आरोप लगाया गया कि उन्होंने गुरुवार को लंदन में हुई नीलामी के दौरान अबरार अहमद के लिए आक्रामक बोली लगाई। एक एक्स यूजर ने लिखा, वर्षों तक भारतीय टीमों ने राष्ट्रीय भावना का सम्मान करते हुए पाकिस्तानी खिलाड़ियों से दूरी बनाई। लेकिन जैसे ही पैसा और विदेशी लीग सामने आती हैं, वह रुख गायब हो जाता है। भारतीय मालिक, भारतीय ब्रांड, लेकिन राष्ट्रीय भावना की कोई परवाह नहीं। अगर मुनाफा देश से ज्यादा अहम है तो भारत का प्रतिनिधित्व करने का दावा मत कीजिए।'

क्या अबरार के साथ भी हो सकता है मुस्तफिजुर जैसा मामला?

सोशल मीडिया पर यह अटकलें भी लगने लगी हैं कि बढ़ते विवाद के बाद सनराइजर्स लीड्स को अबरार का कॉन्ट्रैक्ट वापस लेने के लिए मजबूर किया जा सकता है। कुछ यूजर्स ने हाल ही में हुए मुस्तफिजुर रहमान और कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़े मामले का उदाहरण दिया। जनवरी 2026 में आईपीएल नीलामी में 9.20 करोड़ रुपये में खरीदने के बावजूद बीसीसीआई के निर्देश पर केकेआर को मुस्तफिजुर का कॉन्ट्रैक्ट खत्म करना पड़ा था।यह फैसला उस समय भारत में कुछ संगठनों के दबाव के बाद लिया गया था, जब बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की खबरें सामने आई थीं। हालांकि सनराइजर्स लीड्स इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में आती है, लेकिन कई लोगों को डर है कि जिस तरह के व्यावसायिक और राजनीतिक दबाव के कारण मुस्तफिजुर को टीम से बाहर किया गया, वैसा ही दबाव अब अबरार अहमद पर भी पड़ सकता है।

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