एचडीएफसी बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जैसे ब्लू-चिप शेयरों में मूल्य-खरीदारी के बीच तीन दिन की गिरावट के बाद सोमवार को इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल आया। शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 13 पैसे गिरकर 92.43 पर आ गया।शुरुआती कारोबार में, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 179.31 अंक गिरकर 74,384.61 पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 53.1 अंक गिरकर 23,098 पर पहुंच गया।हालांकि, बाद में दोनों बेंचमार्क सूचकांकों में तेजी आई। बीएसई का बेंचमार्क सूचकांक 342.02 अंक बढ़कर 74,899.76 पर और निफ्टी सूचकांक 88.55 अंक बढ़कर 23,240.95 पर कारोबार कर रहा था।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, इंटरग्लोब एविएशन, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और आईटीसी सबसे बड़े लाभ कमाने वालों में शामिल थीं। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंफोसिस, ट्रेंट और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज प्रमुख पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
भारत जटिल कूटनीतिक और आर्थिक दबावों के बीच आगे बढ़ रहा है। बैंकिंग और मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा ने कहा कि एक ओर भारत ने अमेरिकी प्रशासन और तेहरान, दोनों से संवाद बनाए रखते हुए अपने हितों को संतुलित किया है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक मैक्रोइकॉनॉमिक दबाव घरेलू बाजार पर भारी पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ देशों के लिए जलडमरूमध्य बंद होने जैसी स्थिति के बीच तीन भारतीय टैंकरों, जिनमें एलपीजी कैरियर भी शामिल हैं, को सुरक्षित मार्ग मिलना भारत की खास कूटनीतिक स्थिति को दर्शाता है।अजय बग्गा के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। मार्च में अब तक एफपीआई 54,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि एफपीआई सिर्फ शेयर बेच नहीं रहे, बल्कि इंडेक्स फ्यूचर्स में भारी नेट शॉर्ट पोजिशन लेकर बाजार में और गिरावट की आशंका पर दांव भी लगा रहे हैं। ऐसे में भारतीय शेयर बाजारों के लिए 23,240 के आसपास का स्तर अहम बना हुआ है और केंद्रीय बैंकों की टिप्पणियों से पहले बाजार में खरीदारी का मजबूत रुझान दिखना मुश्किल है।
एशियाई बाजारों में रहा मिला-जुला हाल
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक और शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा था। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुआ।
ब्रेंट क्रूड का भाव 104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचा
इस बीच, वैश्विक कमोडिटी कीमतों में भी तेजी बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है, जो पिछले सप्ताह के बंद स्तर से ऊपर है।कीमती धातुओं में सोमवार की शुरुआती ट्रेडिंग में सोने की कीमतों में हल्की नरमी जरूर दिखी, लेकिन 24 कैरेट सोना अब भी 1,58,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।वहीं चांदी की कीमतों में 3.24 फीसदी की तेज गिरावट दर्ज की गई और यह 2,59,279 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।मार्च महीने में एफपीआई की बिकवाली लगातार जारी है। अब तक मार्च के हर कारोबारी दिन विदेशी निवेशक शुद्ध बिकवाल रहे हैं।13 मार्च तक एक्सचेंजों के जरिए एफपीआई की कुल शुद्ध बिकवाली 54,455 करोड़ रुपये दर्ज की गई है।
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