मास्को। रूस के सबसे बड़े विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की मौत का रहस्य फिर चर्चा में आ गया। हाल ही में पांच यूरोपीय देशों ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन और नीदरलैंड ने इस रहस्यमयी मौत को लेकर दावा किया है कि एलेक्सी नवलनी की मौत प्राकृतिक नहीं, बल्कि एक राजनीतिक हत्या थी। दावा किया जा रहा है कि इन देशों के वैज्ञानिकों को नवलनी के सैंपल्स में एक ऐसे दुर्लभ और जानलेवा जहर मिला है, जिसका इस्तेमाल प्राचीन काल में आदिवासी शिकार के लिए किया करते थे। इस एक प्रकार के मेंढक का विष बताया जा रहा है। इस खुलासे के जरिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की गई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन और नीदरलैंड ने शनिवार को एक संयुक्त बयान जारी कर दावा किया है कि एलेक्सी नवलनी को एपाइबेटिडाइन नाम का एक घातक जहर दिया गया था। एपाइबेटिडाइन दक्षिण अमेरिका के रेन फॉरेस्ट में पाए जाने वाले जहरीले डार्ट मेंढकों की त्वचा से निकाला जाता है। ये जहर इतना खतरनाक होता है कि इसकी इसकी छोटी मात्रा भी इंसान को दे दी जाए तो उसे तुरंत लकवा मार जाता है और उसकी जान भी जा सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक मेंढक का ये जहर निकोटीन की तुलना में 200 गुना ज्यादा शक्तिशाली होता है और शरीर के रेस्पिरेटरी सिस्टम को फेल कर देता है, जिससे मौत प्राकृतिक जैसी दिखाई देती है। वैज्ञानिक के मुताबित एपाइबेटिडाइन शरीर के निकोटिनिक एसिटाइलकोलाइन रिसेप्टर्स पर हमला करता है। इन यूरोपीय सरकारों का तर्क है कि इस तरह के दुर्लभ जहर को जुटाना, उसे लैब में प्रोसेस करना और जेल जैसी सुरक्षित जगह पर किसी को देना केवल एक सरकारी मशीनरी के लिए ही संभव है।
बता दें भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले नवलनी की फरवरी 2024 में रूस की सबसे खतरनाक आर्कटिक जेल में मौत हो गई थी। रूसी अधिकारियों ने दावा किया था कि टहलकर लौटे तो अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और इसके बाद हालत बिगड़ती ही चली गई, आखिरकार उनकी मौत हो गई। हालांकि जेल प्रशासन के इस बयान को नवलनी परिवार ने कभी स्वीकार नहीं किया। नवलनी की विधवा पत्नी यूलिया ने पहले ही दावा किया था कि दो स्वतंत्र प्रयोगशालाओं ने नवलनी के शरीर में जहर की पुष्टि की है। उन्होंने वैश्विक मंच पर बार-बार पुतिन पर सवाल उठाए थे।
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