भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए आधिकारिक स्तर की बातचीत पूरी कर ली है। इस समझौते से दोतरफा व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक संबंध मजबूत होंगे। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को यह जानकारी दी। उम्मीद की जा रही है कि इस समझौते पर इसी साल हस्ताक्षर किए जाएंगे और यह अगले साल की शुरुआत में प्रभावी हो सकता है।
क्या होगा सस्ता
वाणिज्य सचिव ने कहा, 'आधिकारिक स्तर की बातचीत समाप्त होने वाली है और दोनों पक्ष 27 जनवरी, मंगलवार को मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ता के सफल समापन की घोषणा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।' वाणिज्य सचिव ने कहा, 'वार्ता सफलतापूर्वक पूरी हो गई है और सौदे को अंतिम रूप दे दिया गया है।' उन्होंने बताया कि इस समय समझौते के मसौदे की कानूनी जांच चल रही है। सरकार की कोशिश इन प्रक्रियाओं को जल्द पूरा कर समझौते पर हस्ताक्षर करने की है।
क्यों लगेगा समय
समझौते को लागू होने में समय लगेगा, क्योंकि इसके लिए यूरोपीय संसद की मंजूरी अनिवार्य है, जबकि भारत में केवल केंद्रीय मंत्रिमंडल की सहमति की आवश्यकता होती है। इस समझौते को 18 साल की लंबी बातचीत के बाद अंतिम रूप दिया गया है। वार्ता वर्ष 2007 में शुरू हुई थी। वार्ता पूरी होने की औपचारिक घोषणा मंगलवार को यहां होने वाले भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 27 जनवरी को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ शिखर वार्ता करेंगे।
भारत और यूरोपियन यूनियन में कितना व्यापार
यूरोपीय संघ भारत का बड़ा व्यापारिक भागीदार है। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 136.53 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इसमें भारत का निर्यात 75.85 अरब अमेरिकी डॉलर और आयात 60.68 अरब अमेरिकी डॉलर था। इसके अलावा, यूरोपीय संघ भारत में एक बड़ा निवेशक भी है, जिसका अप्रैल 2000 से सितंबर 2024 तक संचयी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 117.4 अरब अमेरिकी डॉलर रहा है।
समझौते के बाद लग्जरी कारें होंगी सस्ती
एफटीए के तहत भारत और यूरोपीय संघ के बीच टैरिफ रेट कोटा के तहत समझौता होगा, जिसमें सालाना आधार पर लग्जरी गाड़ियों के यूरोप से भारत आयात करने का कोटा निर्धारित किया जाएगा। इन गाड़ियों को कम आयात शुल्क के साथ आयात करने की इजाजत होगी। सूत्रों का कहना है कि पहले चरण में 15 हजार यूरो यानी करीब 16.3 लाख से अधिक मूल्य वाली कारों को कम आयात शुल्क साथ सीमित संख्या में आयात करने की अनुमति होगी। इससे वोक्सवैगन, ऑडी, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी यूरोपीय कारें भारतीय बाजार में सस्ती दर पर आ सकेंगी।
शराब और डायमंड भी होगा सस्ता
समझौते के बाद यूरोप से आने वाली शराब, वाइन और रफ डायमंड भी सस्ता होगा। भारत में रफ डायमंड (कच्चे हीरे) मुख्य रूप से यूरोप के बेल्जियम (विशेषकर एंटवर्प शहर) से आते हैं। बेल्जियम दुनिया का प्रमुख हीरा व्यापार केंद्र है। समझौते के जरिए हीरे के भारतीय बाजार में बिक्री करने पर यूरोप को आयात शुल्क से राहत मिलेगी।वहीं, भारत में यूरोप, मुख्य रूप से ब्रिटेन और आयरलैंड से स्कॉच व्हिस्की, वोदका और जिन जैसी शराब को आयात किया जाता है, जो अपनी उच्च गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध हैं। इसके अतिरिक्त, यूरोप से वाइन भी बड़ी मात्रा में भारत लाई जाती हैं, जिसका आयात शुल्क कम होगा। ऐसे में शराब और वाइन के दामों में भी गिरावट होगी। इसके साथ यूरोप में स्विट्जरलैंड, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड से भारत में चॉकलेट आयात की जाती है, जिनकी कीमतों पर भी समझौते के बाद असर पड़ेगा।
(एजेंसी इनपुट शामिल)
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