खामेनेई की वॉर्निंग के बाद मरने वालों की संख्या बढ़ी, अब तक 2000 से अधिक लोगों की मौत, कतर से हमला करेगा अमेरिका, ईरान की दो टूक…
लड़ोगे तो लडेंग़े, मारोगे तो मरोगे…
नई दिल्ली। ईरान में बगावत की आग धधक रही है जहां जनता खामेनेई शासन के खिलाफ पीछे हटने को तैयार नहीं है। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में अब तक 2000 लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान में हो रहे आंदोलन को अमेरिका खुला समर्थन दे रहा है और राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार कह रहे हैं कि वो ईरान में हस्तक्षेप कर सकते हैं। अमेरिका की इन धमकियों के बीच अब ईरान ने कहा है कि अगर उस पर हमला होता है तो वो चुप नहीं बैठेगा, वो भी युद्ध के लिए तैयार है। लड़ोगे तो लडेंग़े, मारोगे तो मरोगे। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने अमेरिका को एक बार फिर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका अशांति से जूझ रहे ईरान में हस्तक्षेप करता है, तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों, जहाजों और अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया जाएगा। उधर, अमेरिका ने इस बीच मध्य-पूर्व में अपने सबसे बड़े मिलिट्री बेस कतर के अल उदैद एयर बेस पर अपने युद्धक विमानों की गतिविधियां बढ़ा दी है। जहां से वह ईरान पर हमला करने की तैयारी कर रहा है।
ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर प्रेस टीवी के अनुसार, कालिबाफ ने चेतावनी देते हुए कहा कि आइए और देखिए कि क्षेत्र में अमेरिकी जहाजों और सैन्य ठिकानों का क्या हाल होता है। आइए और ईरानी राष्ट्र की आग में इस कदर जलिए कि यह इतिहास में सभी दमनकारी अमेरिकी शासकों के लिए एक स्थायी सबक बन जाए। अगर आप कुछ करते हैं तो समझ ही जाएंगे कि आपके साथ और इस क्षेत्र के साथ क्या होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान में प्रदर्शनों को देखते हुए वहां सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप ने रविवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा था कि सेना इस पर नजर बनाए हुए है और हम कुछ बेहद कड़े विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। हम फैसला करेंगे।
कतर के एयर बेस पर अमेरिका ने बढ़ाई गतिविधि
अमेरिका ने इस बीच मध्य-पूर्व में अपने सबसे बड़े मिलिट्री बेस कतर के अल उदैद एयर बेस पर अपने युद्धक विमानों की गतिविधियां बढ़ा दी है। ईरान की सीमा से करीब 200 से 300 किलोमीटर दूर स्थित कतर के अल उदैद एयर बेस पर अमेरिकी फाइटर जेट्स की गतिविधियों में इजाफा हुआ है। इसी बीच अमेरिकी सरकार ने एक आपात अलर्ट जारी कर अपने नागरिकों से ईरान छोडऩे का आग्रह किया है। इजरायली मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, रविवार रात अल उदैद एयर बेस से कई अमेरिकी युद्धक विमानों ने उड़ान भरी, जिनमें केसी-135 एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर और बी-52 रणनीतिक बॉम्बर शामिल थे। दोहा से लगभग 35 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित यह एयर बेस 10 हजार से अधिक अमेरिकी सैनिकों का ठिकाना है। यह क्षेत्र में अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य अड्डों में से एक है। यहां 4,500 मीटर लंबा रनवे है, जिस पर बी-52 जैसे बड़े स्ट्रैटजिक बॉम्बर और सैन्य परिवहन विमान आसानी से उतर सकते हैं और उड़ान भर सकते हैं।
प्रदर्शनों में मौतों का आंकड़ा बढ़ा
ईरान में देशभर में जारी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढक़र कम से कम 2000 हो गई है। हालांकि, आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या इसके कई गुना अधिक हो सकती है। यह आंकड़ा अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी की ओर से जारी किया गया है। यह समूह पिछले कई सालों के प्रदर्शनों के दौरान लगातार सटीक जानकारी देता रहा है। एजेंसी ईरान के भीतर सक्रिय एक्टिविस्ट्स के एक नेटवर्क पर निर्भर करती है, जो सभी रिपोर्ट की गई मौतों की पुष्टि करता है। प्रदर्शनों को देखते हुए ईरान ने देशभर में इंटरनेट बैन कर दिया है और स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट को भी लगभग जैम कर दिया गया है। मीडिया पर पाबंदी की वजह से ईरान के प्रदर्शनों के पैमाने को समझना मुश्किल बना हुआ है। ईरानी सरकारी मीडिया ने इन प्रदर्शनों के बारे में बहुत कम जानकारी दी है। सोशल मीडिया पर शेयर कुछ वीडियो में प्रदर्शन कर रहे लोग और गोलियों की आवाज सुनी जा सकती है। इन पाबंदियों के बावजूद, प्रदर्शन रुकते हुए नहीं दिख रहे हैं। प्रदर्शनकारियों पर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की उस धमकी का भी असर नहीं हो रहा जिसमें उन्होंने कहा था दंगाइयों को उनकी सही जगह दिखा देंगे।
अगर वो आजमाना चाहते हैं तो हम तैयार…
ईरान में जनविद्रोह की आवाज लगातार बुलंद हो रही है। लेकिन इस आवाज को कुचलने के लिए ईरानी सत्ता प्रतिष्ठान हर मुमकिन कोशिश कर रहा है। ईरान से आ रही खबरों के मुताबिक ईरानी अधिकारियों ने पूरे देश में इंटरनेट तो बंद ही कर दिया था। अब ईरानी पुलिस घर-घर जाकर लोगों के छतों से सैटेलाइट डिश ज़ब्त कर रही है। यही नहीं प्रदर्शनकारियों की पहचान का पता लगाने के लिए पुलिस प्राइवेट सिक्योरिटी कैमरों से फुटेज लेकर जानकारी इक_ा कर रही है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान अमेरिका के किसी भी कदम के लिए तैयार है, जिसमें मिलिट्री कदम भी शामिल हैं। विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिकी सरकार को खुली चुनौती दी है और कहा है कि ईरान किसी भी जंग के लिए तैयार है। अराघची ने कहा कि हम किसी भी कदम के लिए तैयार हैं। अगर वे फिर से मिलिट्री ऑप्शन आजमाना चाहते हैं, जिसे वे पहले ही आजमा चुके हैं, तो हम तैयार हैं।अराघची ने कहा कि पिछले साल की 12 दिनों की लड़ाई के बाद ईरान ने अपनी क्षमता में इजाफा किया है।
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