भारतीय रेलवे अपनी सूरत और सीरत बदलने की तैयारी पूरी कर चुका है | अगर आप अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं, तो आपने महसूस किया होगा कि पटरियों पर रफ्तार और स्टेशनों पर सुविधाओं का स्तर धीरे-धीरे बदल रहा है. इसी बदलाव को और रफ्तार देने के लिए भारतीय रेलवे ने अपनी तिजोरी खोल दी है | खबर है कि रेलवे ने आधुनिक ट्रेनों, खास तौर पर ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ के संचालन को और बेहतर बनाने के लिए ₹14,000 करोड़ से ज्यादा के भारी-भरकम निवेश की योजना तैयार की है |
यह पैसा सिर्फ ट्रेनों पर नहीं, बल्कि उन बुनियादी सुविधाओं पर खर्च होगा जो आपके सफर को सुरक्षित और आरामदायक बनाती हैं. रेलवे के इस बड़े फैसले की आहट शेयर बाजार में भी सुनाई दे रही है, जहां रेलवे से जुड़ी चार प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की नजरें टिक गई हैं |
IRCON International Limited
इस निवेश का सीधा फायदा जिन कंपनियों को मिलता दिख रहा है, उनमें सबसे पहला नाम ‘इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड’ (IRCON) का है. 1976 में बनी यह सरकारी कंपनी सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के 25 से ज्यादा देशों में रेलवे, हाईवे और मेट्रो प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है | सितंबर 2025 तक कंपनी के पास ₹23,865 करोड़ का विशाल ऑर्डर बुक मौजूद था, जिसमें 75 फीसदी हिस्सा रेलवे प्रोजेक्ट्स का है. वंदे भारत के लिए जो नया इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होना है, उसमें इरकॉन को बड़े ठेके मिलने की पूरी उम्मीद है |
Texmaco Rail & Engineering Limited
वहीं दूसरी तरफ, ‘टेक्समाको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड’ भी इस दौड़ में मजबूती से खड़ी है. यह कंपनी वैगन और कोच बनाने के साथ-साथ पटरियां बिछाने और सिग्नलिंग का काम भी करती है | सितंबर 2025 तक कंपनी की ऑर्डर बुक ₹6,367 करोड़ रही है. जैसे-जैसे रेलवे आधुनिकता की तरफ बढ़ रहा है, टेक्समाको जैसी कंपनियों की इंजीनियरिंग क्षमता की मांग भी बढ़ रही है, जो आने वाले तिमाहियों में इसके प्रदर्शन को सुधार सकती है |
Titagarh Rail Systems Limited
कोच निर्माण की दुनिया में ‘टिटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड’ एक बड़ा खिलाड़ी बनकर उभरा है. वंदे भारत प्रोजेक्ट के लिए भेल (BHEL) के साथ इसका जॉइंट वेंचर इसे बाकी कंपनियों से अलग बनाता है. कंपनी के पास सितंबर 2025 तक ₹28,403 करोड़ के ऑर्डर थे | चूंकि रेलवे का फोकस अब पैसेंजर और मेट्रो कोच पर ज्यादा है, इसलिए टिटागढ़ को इस सेक्टर में लंबी रेस का घोड़ा माना जा रहा है |
Rail Vikas Nigam Limited (RVNL)
सबसे आखिर में बात रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर की रीढ़ माने जाने वाली कंपनी ‘रेल विकास निगम लिमिटेड’ (RVNL) की. चाहे नई लाइन बिछानी हो, दोहरीकरण करना हो या फिर स्टेशनों का कायाकल्प, आरवीएनएल हर जगह मौजूद है | सितंबर 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी के पास ₹90,000 करोड़ का सबसे भारी-भरकम ऑर्डर बुक है | अमृत भारत स्टेशन योजना और वंदे भारत के विस्तार में आरवीएनएल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है, जो इसे इस सेक्टर का एक दिग्गज स्टॉक बनाती है |
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