ढाका। बांग्लादेश में चुनाव के बाद मतगणना जारी और जल्द ही नतीजे आने वाले हैं। शुरुआती रुझानों में तारिक रहमान की पार्टी बीएनपी को कई सीटों पर जीती नजर आ रही है। हालांकि, जमात ए इस्लामी भी पीछे ही है। इन सबके बीच शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने चौंकाने वाला दावा किया है1 जॉय ने अपनी धुर विरोधी पार्टी, बीएनपी की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाने के संकेत दिए हैं। एक इंटरव्यू में वाजेद ने अपनी पार्टी के भविष्य के बारे में बात करते हुए माना किया कि मौजूदा हालातों में बीएनपी बांग्लादेश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश में अवामी लीग पर बैन लगा हुआ है। ऐसे में जॉय ने और पार्टी अपने राजनीतिक भविष्य को बचाने के लिए ‘दुश्मन का दुश्मन दोस्त’ वाली रणनीति अपनाई है। उन्होंने खुलासा किया है कि उनकी पार्टी जल्द ही तारिक रहमान के साथ संपर्क करेगी। वाजेद का यह कदम जमात-ए-इस्लामी के बढ़ते प्रभाव को रोकने की एक सोची-समझी कोशिश मानी जा रही है। सजीब वाजेद ने कहा कि वे जल्द ही बीएनपी से संपर्क करेंगे। उनका यह बयान अवामी लीग की पुरानी रणनीति में एक बड़ा बदलाव है, जो दशकों से बीएनपी को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानती रही है।
वाजेद ने चेतावनी दी है कि अगर जमात सत्ता में आती है या संसद में प्रभाव बढ़ाती है, तो बांग्लादेश में आतंकवाद का दौर फिर शुरू हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि जमात के पास जनसमर्थन कम है और उसे केवल इसलिए बढ़त मिल रही है क्योंकि प्रगतिशील दलों को प्रचार नहीं करने दिया गया। बता दें 299 सीटों पर हुए मतदान के बाद मतगणना जारी है। शुरुआती रुझानों में बीएनपी गठबंधन और जमात-ए-इस्लामी के बीच कांटे की टक्कर है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीएनपी को 46.7फीसदी और जमात गठबंधन को 48.5फीसदी वोट मिलते दिख रहे हैं। जहां सजीब वाजेद भविष्य की बात कर रहे हैं, वहीं शेख हसीना ने भारत से जारी अपने बयान में इस चुनाव को फर्जी, अवैध और असंवैधानिक बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि 11 फरवरी की रात को ही चुनावी धांधली की साजिश रची गई थी।
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