केंद्र सरकार ने संसद में बुधवार को बताया कि अक्टूबर 2025 में भारत का व्यापार घाटा बढ़ गया है. इसकी प्रमुख वजह रही देश में वस्तुओं के आयात में तेज बढ़ोतरी, खास तौर पर सोने और चांदी की रिकॉर्ड मांग. हालांकि सेवाओं का क्षेत्र मजबूत बना रहा और देश का निर्यात भी स्थिर गति से आगे बढ़ता दिखा |
आयात में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण
सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में आयात में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण रहा सोने व चांदी का बढ़ा आयात. सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ने से भारत में मांग तेज हुई, जबकि चांदी की खपत सोलर पैनल निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन और फार्मा जैसी इंडस्ट्री में बढ़ते उत्पादन के कारण बढ़ी. इन दोनों की ऊंची मांग ने कुल आयात को काफी ऊपर धकेला, जिससे व्यापार घाटा बढ़ा |
दूसरी तरफ, अक्टूबर 2025 में कुल निर्यात में हल्की गिरावट दर्ज की गई. विशेषज्ञों का मानना है कि इसका कारण अक्टूबर 2024 का उच्च आधार है, जब भारत ने इतिहास का सबसे बड़ा मासिक निर्यात रिकॉर्ड किया था. इसके चलते इस साल की तुलना थोड़ी कमजोर दिखाई दी. इसके बावजूद अप्रैल से अक्टूबर 2025 के बीच निर्यात में 4.1% की बढ़त दर्ज की गई, जो एक स्थिर और सकारात्मक रुझान को दर्शाता है |
निर्यात वृद्धि के पीछे रही ये वजह
सरकार ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के पहले छह महीनों (अप्रैल सितंबर 2025) में भारत का कुल निर्यात 418.6 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया. यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 395.7 बिलियन डॉलर की तुलना में 5.8% ज्यादा है. यह अब तक का भारत का सबसे मजबूत हाफ-ईयर निर्यात प्रदर्शन है. सरकार के अनुसार, इस निर्यात वृद्धि के पीछे बेहतर लॉजिस्टिक्स, बंदरगाह क्षमता में सुधार, निर्यातकों को मिलने वाली सुविधाएं और हाई-ग्रोथ सेक्टरों को दिए जा रहे प्रोत्साहन प्रमुख कारण हैं |
साथ ही, भारत ने पिछले पांच वर्षों में कई प्रमुख देशों के साथ 5 मुक्त व्यापार समझौते (FTA) भी किए हैं. इनमें मॉरीशस, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं. इन समझौतों से भारत और उसके साझेदार देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग में तेजी आई है|
कुल मिलाकर, वैश्विक अनिश्चितताओं और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के बावजूद भारत का निर्यात क्षेत्र लचीला और मजबूत बना हुआ है. सरकार ने भरोसा जताया कि भविष्य में निर्यात और भी ऊंचे स्तर पर पहुंच सकता है और भारत वैश्विक व्यापार में एक विश्वसनीय साझेदार के तौर पर अपनी जगह मजबूत करता रहेगा |
———————–
📝 Disclaimer
The content of this post is not originally published by us. The news and information provided here are sourced from trusted online sources, including NewsOnline.co.in
. We share this content only for informational and educational purposes. All rights to the original content belong to their respective owners. If you are the original author or copyright holder and wish to have this content removed or modified, please contact us, and we will take immediate action.


