वॉशिंगटन। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी टीम ने बड़े पैमाने पर चंदा जुटाया है। एक मीडिया हाउस की रिपोर्ट में सामने आया है कि चुनाव के बाद ट्रंप और उनके करीबियों ने करीब 2 अरब डॉलर (18 हजार करोड़ रुपए) अलग-अलग फंड और योजनाओं के लिए इकट्ठा किए। यह रकम उनके चुनाव कैंपेन के लिए जुटाई गई राशि से भी ज्यादा है।
रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी कागजात, फंडिंग रिकॉर्ड और कई लोगों से बातचीत करके पता लगा कि कम से कम 346 बड़े दानदाता हैं, जिसमें से हर एक ने 2.5 लाख डॉलर या उससे ज्यादा का चंदा दिया। इन लोगों से ही करीब 50 करोड़ डॉलर से ज्यादा की रकम आई। इसमें से 200 दानदाता हैं, जिन्हें या जिनके कारोबार को ट्रम्प सरकार के फैसलों से फायदा मिला। इसमें सुंदर पिचाई और सत्या नडेला जैसे 6 भारतवंशी बिजनेसमैन शामिल हैं। इन फायदों में कई बातें शामिल हैं। किसी को राष्ट्रपति की तरफ से माफी मिली, किसी के खिलाफ चल रहे केस खत्म हो गए, किसी कंपनी को बड़े सरकारी ठेके मिल गए, तब किसी को सीधे व्हाइट हाउस तक पहुंच मिली या सरकार में बड़ा पद मिला। हालांकि रिपोर्ट कहती है कि यह साबित करना मुश्किल है कि किसी ने पैसा दिया और बदले में सीधा फायदा मिला, लेकिन इतना जरूर है कि पैसे और फायदों का यह रिश्ता सवाल खड़े करता है।
ट्रम्प की टीम ने पैसे जुटाने के लिए कई अलग-अलग रास्ते बनाए। इसमें सबसे बड़ा है एमएजीए (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन), जो एक सुपर पीएसी है। पीएसी एक ऐसा संगठन होता है, जो राजनीति के लिए पैसा इकट्ठा करता है और उस पैसे से किसी उम्मीदवार या पार्टी का समर्थन करता है। इसने नवंबर 2024 से जून 2025 के बीच करीब 200 मिलियन डॉलर जुटाए। इसके अलावा ट्रम्प के शपथ ग्रहण समारोह के लिए बनी कमेटी ने करीब 240 मिलियन डॉलर जुटाए, जो अमेरिका के इतिहास में सबसे ज्यादा है। इतना ही नहीं, व्हाइट हाउस में एक शानदार बॉलरूम बनाने के लिए भी चंदा लिया जा रहा है। ट्रम्प का कहना है कि इसके लिए करीब 350 मिलियन डॉलर जुट चुके हैं, हालांकि मीडिया हाऊस को करीब 100 मिलियन डॉलर के दानदाताओं की पुष्टि मिली है।
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