वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला में की गई सैन्य कार्रवाई और वहां के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के बाद अब अमेरिका के भीतर ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी पार्टी, रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों को एक गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया है कि आगामी मिडटर्म (मध्यावधि) चुनाव उनके भविष्य के लिए रेड लाइन साबित हो सकते हैं। वॉशिंगटन में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के रिपब्लिकन सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि पार्टी इन चुनावों में हारती है, तो उनका राष्ट्रपति पद खतरे में पड़ सकता है। उन्हें डर है कि यदि विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को कांग्रेस में बहुमत मिल गया, तो वे उनके खिलाफ तत्काल महाभियोग की प्रक्रिया शुरू कर देंगे।
ट्रंप का यह डर उनकी हालिया विदेश नीति और सैन्य फैसलों से उपजी आलोचनाओं के बीच सामने आया है। उन्होंने अपने सांसदों से दो टूक शब्दों में कहा है कि उन्हें हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी, क्योंकि विपक्षी दल उन्हें पद से हटाने का कोई न कोई आधार जरूर तलाश लेंगे। अमेरिका की राजनीतिक व्यवस्था में राष्ट्रपति को पद से हटाना एक जटिल प्रक्रिया है, लेकिन मिडटर्म चुनाव हारने का मतलब है कि कांग्रेस पर राष्ट्रपति का नियंत्रण समाप्त हो जाना। यदि प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स का बहुमत होता है, तो उनके पास महाभियोग चलाने की संवैधानिक शक्ति आ जाएगी, जो राष्ट्रपति के लिए सबसे बड़ी विधायी चुनौती होगी।
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के ठीक बीच में आयोजित किए जाते हैं। ये चुनाव केवल प्रतीकात्मक नहीं होते, बल्कि सत्ता के संतुलन की असली परीक्षा होते हैं। इनमें प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों के लिए मतदान होता है। इसके साथ ही, कई राज्यों में राज्यपालों और स्थानीय निकायों के चुनाव भी संपन्न होते हैं। यदि इन चुनावों में सत्ताधारी पार्टी का प्रदर्शन खराब रहता है, तो राष्ट्रपति के लिए नए कानून बनाना, बजट पारित करना और महत्वपूर्ण नियुक्तियां करना लगभग असंभव हो जाता है। वर्तमान परिदृश्य में, ट्रंप को डर है कि वेनेजुएला और ग्रीनलैंड जैसे मुद्दों पर उनके कड़े रुख को विपक्षी दल एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करेंगे। प्रतिनिधि सभा में बहुमत खोने का सीधा अर्थ है कि राष्ट्रपति के हर फैसले की सूक्ष्म जांच होगी और उनके कार्यकाल के बीच में ही उन्हें पद से हटाने की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है। यही कारण है कि ट्रंप अपनी पूरी ताकत इन चुनावों को जीतने में लगा रहे हैं, ताकि वे अपनी राजनीतिक और संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
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