मिनेसोटा। अमेरिका के मिनेसोटा राज्य में 5 वर्षीय बच्चे को अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (आईसीई) एजेंट्स ने उसके पिता के साथ हिरासत में ले लिया। यह घटना मंगलवार दोपहर को हुई, जब बच्चा प्रीस्कूल से घर लौट रहा था। चलती कार से एजेंट्स ने दोनों को पकड़ा। एजेंट्स ने बच्चे को घर का दरवाजा खटखटाने के लिए कहा ताकि यह पता लगाया जा सके कि घर में कोई और है या नहीं। स्कूल ने इसे बच्चे को चारा के रूप में इस्तेमाल करना बताया है। यह परिवार 2024 में अमेरिका आया था और उन पर एसाइलम का केस चल रहा है, कोई निर्वासन आदेश नहीं था। पिता एड्रियन अलेक्जेंडर कोनेजो आरियास इक्वाडोर से हैं। बच्चे का नाम लियाम कोनेजो रामोस है जो कोलंबिया हाइट्स पब्लिक स्कूल्स का छात्र है।
स्कूल अधिकारियों ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे अनैतिक बताया है। वर्तमान में लियाम और उसके पिता को टेक्सास के डिली स्थित एक इमिग्रेशन लॉकअप में रखा गया है। यह परिवार वर्ष 2024 में अमेरिका आया था और वर्तमान में उनका एसाइलम (शरण) का मामला अदालत में लंबित है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि उनके खिलाफ निर्वासन का कोई आदेश नहीं था, फिर भी यह कार्रवाई की गई। हालांकि पड़ोसियों और स्कूल स्टाफ ने बच्चे को अपनी देखरेख में रखने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन अधिकारियों ने उसे भी ठुकरा दिया।इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भय का माहौल है। कोलंबिया हाइट्स जिले में पिछले कुछ हफ्तों में यह किसी छात्र की हिरासत का चौथा मामला है। इससे पहले दो 17 वर्षीय और एक 10 वर्षीय छात्र को भी पकड़ा जा चुका है। मिनेसोटा में बढ़ती सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले छह हफ्तों में यहाँ करीब 3,000 गिरफ्तारियां की गई हैं।
दहशत का आलम यह है कि स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति एक-तिहाई तक गिर गई है। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, बसों के पीछे और रिहायशी इलाकों में घूमते एजेंट्स की वजह से बच्चों में मानसिक आघात देखा जा रहा है। लियाम की शिक्षिका ने उसे एक अत्यंत मिलनसार और प्यारा बच्चा बताते हुए घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।दूसरी ओर, डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने सफाई देते हुए कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य पिता की गिरफ्तारी था और बच्चे की सुरक्षा के लिए एक अधिकारी तैनात किया गया था। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी इस पर टिप्पणी की है, लेकिन स्कूल द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। परिवार के वकील मार्क प्रोकोश अब इस मामले में कानूनी लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं।
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