फेस्टिवल में पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित फिल्मों का होगा प्रदर्शन

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मुंबई । ऑल लिविंग थिंग्स एनवायर्नमेंटल फिल्म फेस्टिवल (एएलटी ईएफएफ) के छठे संस्करण के साथ
लौट रहा है। पर्यावरण और सिनेमा के संगम को समर्पित यह 11 दिवसीय आयोजन 4 दिसंबर से शुरू होकर 14 दिसंबर तक चलेगा ।
 फेस्टिवल में दुनिया भर से आई ऐसी फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और टिकाऊ जीवन जैसे अहम मुद्दों पर केंद्रित होंगी। इस बार फेस्टिवल की जूरी में अभिनेत्री श्रिया पिलगांवकर और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निर्देशक पान नलिन को शामिल किया गया है। जूरी सदस्य के रूप में चुने जाने पर श्रिया ने उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि उनके लिए यह अनुभव बेहद खास है। उन्होंने बताया कि सिनेमा में लोगों को जोड़ने और समाज में बदलाव लाने की शक्ति होती है, और यह फेस्टिवल उसी शक्ति का उपयोग जागरूकता बढ़ाने और संवेदनशीलता जगाने के लिए करता है। श्रिया ने कहा, “पर्यावरण का मुद्दा हमारी रोजमर्रा की जिंदगी, स्वास्थ्य और भविष्य से गहराई से जुड़ा है। यह फेस्टिवल हमें याद दिलाता है कि कहानियों में सोच बदलने, दृष्टिकोण व्यापक करने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराने की ताकत होती है।” उन्होंने बताया कि जूरी प्रक्रिया के दौरान उन्होंने कई प्रभावशाली फिल्में देखीं, जिनसे नए विचार और दृष्टिकोण सीखने को मिले। इस साल के एएलटी ईएफएफ में फीचर फिल्में, डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म्स और छात्रों द्वारा बनाई गई फिल्में शामिल होंगी।
 इन फिल्मों का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि दर्शकों में पर्यावरण के प्रति संवेदना जगाना और उन्हें प्रेरित करना है। आयोजन समिति का कहना है कि फेस्टिवल ऐसे मंच के रूप में उभरा है, जो सिनेमा के माध्यम से प्रकृति और मानव जीवन के बीच के गहरे संबंध को रेखांकित करता है। फेस्टिवल के आयोजकों के अनुसार, यह पहल न केवल फिल्म निर्माताओं को सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रेरित करती है, बल्कि दर्शकों को भी पर्यावरणीय संकटों की गंभीरता समझाने में अहम भूमिका निभाती है।

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