सरकार के नए फैसले से दवाइयाँ हो सकती हैं महंगी, MSME फार्मा कंपनियों पर बढ़ेगा दबाव!

Date:

बिज़नेस | देश में GST रेट कम करने के बाद अब सरकार ने फार्मा सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल यानी फार्मास्यूटिकल इनपुट के लिए मिनिमम इंपोर्ट प्राइस (MIP) तय करने का फैसला लिया है. इसके कारण देश में दवाओं की कीमतें बढ़ सकती हैं. फार्मा इंडस्ट्री के कई विशेषज्ञों ने सरकार के इस फैसले पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि कुछ जरूरी कच्चे माल पर MIP लगाने से API (एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट) और दवा बनाने वाली कंपनियों की लागत बढ़ जाएगी. जब लागत बढ़ेगी, तो इसका असर सीधे मरीजों तक पहुंचेगा और दवाएं महंगी होंगी|

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रस्ताव का मकसद चीन जैसे देशों से होने वाले बड़े पैमाने पर कच्चे माल के आयात को कम करना है, क्योंकि इससे भारत के घरेलू उत्पादकों की टिकाऊ क्षमता पर असर पड़ सकता है. हालांकि कई मेडिकल एक्सपर्ट इस कदम को भारतीय फार्मा सेक्टर के लिए नुकसानदायक बता रहे हैं. सरकार इस समय पेनिसिलिन-G, 6APA और एमोक्सिसिलिन के लिए MIP तय करने पर विचार कर रही है. इंडस्ट्री के अधिकारियों का कहना है कि एंटीबायोटिक दवाओं में इस्तेमाल होने वाले इन जरूरी तत्वों पर MIP लगाने से MSME पर बड़ा असर पड़ेगा|

रिपोर्ट के मुताबिक, इससे 10,000 से ज्यादा MSME यूनिट्स प्रभावित हो सकती हैं और कई को बंद होना पड़ सकता है. इससे करीब 2 लाख लोगों की नौकरी जा सकती है. सितंबर में सरकार ने ATS-8 के आयात के लिए 30 सितंबर 2026 तक कम से कम कीमत 111 डॉलर प्रति किलोग्राम तय की थी. इसके एक महीने बाद, सरकार ने सल्फाडायजीन के लिए भी अगले साल 30 सितंबर तक 1,174 रुपये प्रति किलोग्राम का MIP घोषित किया|

पॉजिटिव साइड

कुछ एक्सपर्ट सरकार के इस कदम को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत संकेत मानते हैं, क्योंकि भारतीय फार्मा इंडस्ट्री कच्चे माल के लिए काफी हद तक चीन पर निर्भर है. 2020 में सरकार ने इस निर्भरता को कम करने के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम शुरू की थी, ताकि घरेलू कंपनियां जरूरी कच्चे माल के उत्पादन में निवेश बढ़ाए|

हालांकि इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि PLI स्कीम 6APA या एमोक्सिसिलिन की कीमतें नियंत्रित करने के लिए नहीं बनाई गई थी. अगर अब MIP का इस्तेमाल किया जाता है, तो यह संदेश जा सकता है कि PLI पाने वाली कंपनियां स्कीम के दायरे से बाहर भी अतिरिक्त सुरक्षा या फायदे चाहती हैं|

———————–
📝 Disclaimer

The content of this post is not originally published by us. The news and information provided here are sourced from trusted online sources, including NewsOnline.co.in
. We share this content only for informational and educational purposes. All rights to the original content belong to their respective owners. If you are the original author or copyright holder and wish to have this content removed or modified, please contact us, and we will take immediate action.

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

प्राकृतिक चीजों से उपचार की 500 साल पुरानी किताब मिली

मैनचेस्टर। यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के वैज्ञानिकों को 1531 के...

U19 वर्ल्ड कप में भारत का अगला मैच पाकिस्तान से; जानें कब, कहां और कैसे देखें लाइव?

 इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप का महामुकाबला रविवार,...