ढाका और देश के कई हिस्सों में शुक्रवार को 5.7 तीव्रता के भीषण भूकंप में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और सौ से ज़्यादा घायल हो गए. इस भूकंप से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, कई जगहों पर आग लग गई और निवासियों में दहशत फैल गई. अधिकारियों ने बताया कि चार पीड़ितों की मौत राजधानी ढाका में, पांच की मौत भूकंप के केंद्र नरसिंगडी में और एक की मौत उपनगरीय नदी बंदरगाह शहर नारायणगंज में हुई.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राजधानी गाजीपुर के बाहरी इलाके में स्थित औद्योगिक शहर में ही, भूकंप के दौरान इमारतों से बाहर निकलने की कोशिश में विभिन्न इकाइयों में कम से कम 100 कर्मचारी घायल हो गए.
नरसिंगडी में भूकंप का केंद्र
मौसम विभाग ने बताया कि सुबह 10:38 बजे (स्थानीय समयानुसार) आए भूकंप का केंद्र नरसिंगडी में सतह से लगभग 10 किलोमीटर नीचे स्थित था, जो ढाका के अगरगांव क्षेत्र में भूकंपीय केंद्र से लगभग 13 किलोमीटर पूर्व में है. ढाका के पुलिस उपायुक्त मलिक अहसान उद्दीन सामी ने अग्निशमन सेवा के हवाले से बताया कि पुराने ढाका के अरमानीटोला इलाके में एक पांच मंजिला इमारत की रेलिंग, बाँस की मचान और मलबा गिरने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई.
भूकंप ने ली कई लोगों की जान
सामी ने पुष्टि की कि मृतकों में से एक मेडिकल छात्र था, जो अपनी मां के साथ मांस खरीदने गया था. उन्होंने बताया कि वह गंभीर रूप से घायल है और उसे आपातकालीन सर्जरी की आवश्यकता है. मृतकों में एक आठ साल का लड़का भी शामिल है, जबकि मीडिया ने परिवार के सदस्यों के हवाले से बताया कि उसके घायल पिता को भी ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने बाद में मृत घोषित कर दिया.
रिपोर्टों के अनुसार, ढाका में मृतकों में एक 50 वर्षीय निजी सुरक्षा गार्ड भी शामिल है, जो भूकंप के दौरान एक इमारत की दीवार का एक हिस्सा गिरने से मारा गया. नरसिंगडी जिला प्रशासन ने एक बयान में कहा कि पांच लोग मारे गए और एक लड़के और उसके पिता सहित कम से कम चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.
कई इमारतें झुकीं
उपनगरीय नारायणगंज में एक दीवार गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई तथा उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई. पुराने ढाका में स्थित सूत्रपुर के स्वामीबाग इलाके में भी भूकंप के बाद एक आठ मंजिला इमारत के दूसरी इमारत से टकराने की खबर है, जबकि कलाबागान इलाके में एक सात मंजिला इमारत झुकी हुई दिख रही थी, हालांकि अग्निशमन अधिकारियों ने बताया कि इमारत की संरचना मज़बूत बनी हुई है.
भूकंप के तुरंत बाद ढाका के पॉश बारीधारा इलाके में एक घर में आग लग गई, लेकिन अग्निशमन कर्मी तुरंत इस बात की पुष्टि नहीं कर पाए कि यह भूकंप से जुड़ी थी या नहीं. उपनगरीय मुंशीगंज के गजारिया इलाके से एक आवासीय इमारत में आग लगने की खबर मिली, जहां अग्निशमन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग बुझाई.
कुछ इमारतों में आईं हल्की दरारें
राजधानी और उसके आसपास के इलाकों, जिनमें नरसिंगडी भी शामिल है, से कुछ इमारतों में हल्की दरारें आने की खबरें भी मिली हैं. रिपोर्टों से पता चला है कि भूकंप से उपनगरीय मुंशीगंज, उत्तर-पश्चिमी राजशाही और दक्षिण-पूर्वी चटगाँव में भी इमारतों को नुकसान पहुंचा और आग लग गई. विशेषज्ञ लंबे समय से कहते रहे हैं कि सक्रिय टेक्टोनिक प्लेटों की सीमाओं पर स्थित होने के कारण बांग्लादेश में बड़े भूकंपों का खतरा ज़्यादा है. कई विशेषज्ञों का कहना है कि एक बड़ा भूकंप आना निश्चित है, हालाँकि इसमें दशकों लग सकते हैं.
ढाका के नजदीक इतनी तीव्रता का भूकंप
मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने कहा कि ढाका के इतने नजदीक इतनी तीव्रता का भूकंप पहले कभी नहीं आया और आशंका जताई कि अगर यह सिर्फ़ 5-7 सेकंड और जारी रहता, तो हताहतों और इमारतों के ढहने की संख्या कई गुना बढ़ सकती थी. बांग्लादेश इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (बीयूईटी) के भूकंप विशेषज्ञ प्रोफ़ेसर मेहेदी अहमद अंसारी ने कहा कि 6 तीव्रता का भूकंप देश की ज़्यादातर इमारतों को ध्वस्त कर सकता है. अंसारी ने कहा कि शुक्रवार को आया यह भूकंप बांग्लादेश के लिए खतरे की घंटी है.
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