अंधी रफ्तार से दौड़ रही बस अनियंत्रित होकर पलटी, 15 की मौत, 19 घायल

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सेमारंग। इंडोनेशिया में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां के सेंट्रल जावा प्रांत के सेमारंग शहर में सोमवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना क्राप्याक टोल एग्जिट के पास चौराहे पर हुई, जहां एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर रोड बैरियर से टकरा गई और पलट गई। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हादसा तड़के उस वक्त हुआ जब बस तेज रफ्तार में थी। अचानक चालक का नियंत्रण बस से हट गया और बस सीधे सड़क किनारे लगे बैरियर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस पलट गई और कई यात्री उसके अंदर फंस गए। यह हादसा ऐसे समय पर हुआ है, जब कुछ ही दिन पहले इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में एक और दर्दनाक घटना सामने आई थी। जकार्ता में एक रिहायशी घर में आग लगने से पांच लोगों की मौत हो गई थी।
सेमारंग सर्च एंड रेस्क्यू ऑफिस के प्रमुख बुडियोनो ने बताया कि राहत और बचाव अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि बस के शीशे टूट चुके थे और अंदर घुसने के रास्ते पूरी तरह बंद हो गए थे। कई लोग बस के अंदर फंसे हुए थे, जिन्हें निकालने के लिए बचाव दल को विशेष उपकरणों की मदद से रास्ता बनाना पड़ा। बुडियोनो के अनुसार, रेस्क्यू टीम को पलटी हुई बस के भीतर घुसकर बेहद सावधानी से घायलों तक पहुंचना पड़ा। कांच के टुकड़ों और मुड़ी हुई बस की संरचना के कारण हर कदम जोखिम भरा था, लेकिन कई घंटों की मशक्कत के बाद सभी पीड़ितों को बाहर निकाल लिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, सेमारंग सर्च एंड रेस्क्यू ऑफिस ने पुष्टि की है कि सभी घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया जारी है, जबकि पुलिस और संबंधित एजेंसियां दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही हैं।
आग की घटना भी दर्दनाक थी
जकार्ता रीजनल डिजास्टर मैनेजमेंट के प्रमुख इस्नावा अदजी ने बताया था कि आग गुरुवार रात करीब 8:10 बजे लगी थी। उन्होंने बताया कि आग बुझाने के लिए 10 फायर इंजनों को मौके पर लगाया गया और रात करीब 11 बजे आग पर काबू पाया जा सका। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस घर में आग लगी, उसका इस्तेमाल एक्सेसरीज बनाने के वेयरहाउस के तौर पर भी किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट हो सकती है, हालांकि मामले की जांच अभी जारी है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने इंडोनेशिया में सड़क और अग्नि सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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