Why Body Hurts Without Exercise: कई लोग सुबह उठते ही कंधों में दर्द, पीठ में जकड़न या पैरों में भारीपन महसूस करते हैं, जबकि उन्होंने कोई भारी काम या एक्सरसाइज भी नहीं की होती. न कोई चोट लगी होती है और न ही ज्यादा शारीरिक मेहनत की होती है, फिर भी शरीर थका-थका और दर्द से भरा महसूस होता है. आजकल इस तरह का रोजमर्रा का बॉडी पेन काफी आम होता जा रहा है|
क्यों होती है इस तरह की दिक्कत?
डॉक्टरों के मुताबिक यह दर्द हमेशा मांसपेशियों पर पड़े दबाव की वजह से नहीं होता. कई बार यह शरीर के अंदर चल रही कुछ प्रक्रियाओं का संकेत भी हो सकता है. आज की लाइफस्टाइल में लंबे समय तक बैठकर काम करना, नींद पूरी न होना, तनाव और असंतुलित खानपान जैसी आदतें धीरे-धीरे शरीर में हल्की सूजन यानी इंफ्लेमेशन पैदा कर सकती हैं. यही सूजन मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द या थकान का कारण बनती है|
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
डॉ. अभिषेक पाटिल बताते हैं कि लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव भी शरीर पर गहरा असर डालता है. जब व्यक्ति लगातार तनाव में रहता है तो शरीर में कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन ज्यादा मात्रा में बनने लगते हैं. शुरुआत में ये हार्मोन शरीर को चुनौतियों से निपटने में मदद करते हैं, लेकिन जब तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो शरीर की नसें और मसल्स लगातार तनाव की स्थिति में रहती हैं. इसके कारण गर्दन, कंधों और पीठ में जकड़न या दर्द महसूस हो सकता है|
नींद की कमी बड़ा कारण
नींद की कमी भी शरीर में दर्द का एक बड़ा कारण बन सकती है. दरअसल, गहरी नींद के दौरान ही शरीर खुद की मरम्मत करता है, एनर्जी को फिर से संतुलित करता है और मांसपेशियों को आराम मिलता है. अगर नींद पूरी न हो या बार-बार टूटती रहे तो यह प्रक्रिया अधूरी रह जाती है. इसी वजह से कई लोग बिना ज्यादा काम किए भी सुबह उठते ही थकान या दर्द महसूस करते हैं. खानपान का भी शरीर के दर्द से गहरा संबंध होता है. ज्यादा प्रोसेस्ड फूड, रिफाइंड शुगर और अनहेल्दी फैट्स वाले भोजन शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं. वहीं फल, सब्जियां, मेवे, बीज और ओमेगा-3 से भरपूर भोजन शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं और मांसपेशियों को स्वस्थ रखते हैं|
क्या इसको कम किया जा सकता है?
रोजमर्रा के ऐसे दर्द को अक्सर छोटी-छोटी लाइफस्टाइल आदतों से काफी हद तक कम किया जा सकता है. नियमित हल्की एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और तनाव को कम करने वाली गतिविधियां शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती हैं. अगर दर्द कई हफ्तों तक बना रहे या इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दें तो एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर होता है|
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