Friends Media PR की वीडियो प्रोडक्शन ब्रांच Friends Studios ने “इनविज़िबल क्रिएटर्स” को एम्पावर करने के लिए स्पेशल और किफायती पैकेज लॉन्च किए हैं। यह स्टूडियो नोएडा के प्रीमियम लोकेशन Wave One Building की 25वीं मंज़िल पर स्थित है, जो इसकी सबसे बड़ी यूएसपी मानी जा रही है।100 से अधिक नेशनल और रीजनल न्यूज़ चैनलों के साथ पार्टनरशिप रखने वाली फ्रेंड्स मीडिया ने अपने मल्टीमीडिया विंग को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से इस स्टूडियो की शुरुआत की है।
“हम सब में एक कंटेंट क्रिएटर है”
एजेंसी के को-फाउंडर और जर्नलिस्ट अमन द्विवेदी कहते हैं: “आज हर कोई कंटेंट क्रिएटर है — मैं, आप, कोई स्टार्टअप फाउंडर या एक नॉर्मल ऑफिस गोअर। व्लॉगिंग अब लाइफस्टाइल बन चुकी है। हम वीडियो और कंटेंट क्रिएशन को इंटेलिजेंट इंडियन के जीवन का एक अहम हिस्सा मानते हैं। हमने प्राइसिंग बहुत ही किफायती रखी है ताकि बिज़नेस लीडर्स, चेंजमेकर्स और पॉलिसी मेकर्स जैसे सोचने-समझने वाले लोग हमारे साथ जुड़ सकें। हमारा फोकस सिर्फ वायरलिटी के पीछे भागने वाले टिपिकल क्रिएटर्स पर नहीं है। हम उस ‘इनविज़िबल क्रिएटर’ को ढूंढ रहे हैं जिसके पास बिना फिल्टर के बहुत कुछ कहने को है।”
10 स्लॉट्स के लिए ₹25,000
फ्रेंड्स मीडिया के मल्टीमीडिया विंग के हेड प्रशांत सिंह के अनुसार: “हमने 10 स्लॉट्स के लिए ₹25,000 का सपोर्ट अमाउंट रखा है। 10 स्लॉट्स इसलिए ताकि मेंबरशिप लेने वाले लोग अपनी कमिटमेंट दिखाएं। हमारे लिए पैसे से ज़्यादा आइडिया मायने रखते हैं। हम चाहते हैं कि बुद्धिजीवी लोग हमारे पास आएं, बैठें, कॉफी पिएं, सोचें और खुद को एक्सप्रेस करें।” उनके मुताबिक, पॉडकास्ट करना, कैमरे के सामने आना और अपने विचार शेयर करना पर्सनैलिटी डेवलपमेंट में मदद करता है। यह जिम जाने जैसा है — दिमाग और विचारों को रिफ्रेश करने का तरीका। जब आप 10 एपिसोड शूट करेंगे, तो आपको खुद फर्क महसूस होगा। लोग आपको नए नजरिए से देखने लगेंगे।”
“बहुत मज़ा आ रहा है”
फ्रेंड्स मीडिया की बिज़नेस हेड अनुष्का शर्मा कहती हैं: “पूरा स्टूडियो इनिशिएटिव बहुत एक्साइटिंग रहा है। हमें अंदाजा नहीं था कि लोग व्लॉगिंग को इतना एंजॉय करते हैं। ज़्यादातर लोग सिर्फ अपने दिल की बात कहकर ही फुलफिल्ड महसूस करते हैं। इसका एक इंडायरेक्ट आरओआई भी है। यह पूरा प्रोसेस लोगों के पर्सनल और प्रोफेशनल प्रोफाइल को मजबूत बनाता है। कई लोग वायरल भी हो रहे हैं। लेकिन असली आरओआई है — खुद से बात करना, दुनिया से पहले।”
क्वालिटी बनाए रखने के लिए लिमिटेड ऑनबोर्डिंग
एवीपी, बिज़नेस डेवलपमेंट, एवांशा गोयल के अनुसार: “हमने क्वालिटी को प्राथमिकता देने के लिए सिर्फ 100 क्रिएटर्स को ऑनबोर्ड करने का फैसला किया है। हमारी टीम की बैंडविड्थ फिलहाल उतनी ही है। हम लाइटिंग, एडिटिंग, साउंड और पोस्ट-प्रोडक्शन एक्सपीरियंस जैसी छोटी-छोटी चीज़ों पर खास ध्यान देते हैं। हमारा पीआर विंग वर्ड ऑफ माउथ से ग्रो हुआ क्योंकि हमने सही प्राइस पर बेस्ट वैल्यू दी। हम वही मॉडल यहां भी फॉलो करना चाहते हैं।”
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