नई दिल्ली: 'रन बनाना, वो क्या होता है। मेरा क्रिंज रील्स देख और गाना सुन…', कुछ इस तरह सोशल मीडिया पर भारतीय महिला टीम की बल्लेबाज जेमिमा रॉड्रिग्स को ट्रोल किया जाता था। इसी जेमिमा की शानदार नाबाद शतकीय पारी की मदद से भारत ने सेमीफाइनल में सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर महिला वनडे विश्व कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया।
हरमनप्रीत के साथ निभाई साझेदारी
जेमिमा ने शतक लगाया और कप्तान हरमनप्रीत के साथ तीसरे विकेट के लिए 167 रनों की साझेदारी की। उनकी इस शतकीय पारी से ही भारतीय टीम तीसरी बार वनडे विश्व कप के फाइनल में पहुंची है। टीम इससे पहले 2005 और 2017 में भी खिताबी मैच में पहुंची थी। भारत ने अब तक कभी विश्व कप की ट्रॉफी नहीं जीती है और अब उसके पास खिताबी सूखा समाप्त करने का अच्छा मौका है। हरमनप्रीत और जेमिमा के बीच महिला विश्व कप के नॉकआउट मैच में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी हुई।
सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने के कारण होती थीं ट्रोल
दरअसल, जब भी जेमिमा रन बनाने में असफल रहती थीं तो सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स उन्हें यह कहते हुए ट्रोल करते थे कि जेमिमा का ध्यान अपनी बल्लेबाजी से ज्यादा सोशल मीडिया पर रहता है। लेकिन अब जेमिमा का बल्ला ऐसे दिन गरजा जब टीम को उनसे काफी उम्मीद थी। इसमें कोई दोराय नहीं है कि जेमिमा अपनी शतकीय पारी से आलोचकों को जवाब दिया है। एक ऐसे समाज में जहां महिला सशक्तिकरण पर अक्सर चर्चा होती है, लेकिन उसे सरलता से प्रस्तुत नहीं किया जाता, अपेक्षाएं आज भी भारी हैं। राष्ट्रीय आइकॉन भी इससे अछूते नहीं हैं और इसका जवाब जेमिमा रोड्रिग्स से बेहतर कौन दे सकता है।
जेमिमा ने खुद को किया साबित
भारतीय महिला टीम की अहम हिस्सा जेमिमा हमेशा ही मस्ती के मूड में रहती हैं। वह अक्सर गाना गाते और साथी खिलाड़ियों के साथ मस्ती मजाक करती नजर आती हैं। उनके यह रवैया यहां कुछ लोगों को बेहद पसंद आता है, वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसी कारण उन्हें ट्रोल भी करते रहे हैं। यहां तक की रील्स बनाने पर तो जेमिमा को कई बार कठघरे तक में खड़ा कर दिया जाता था और उनकी काफी आलोचना होती थी। लेकिन गुरुवार को अपनी दमदार पारी से उन्होंने ना सिर्फ आलोचकों को जवाब दिया, बल्कि ये भी साबित किया कि रील्स बनाने या गाना गाने से खिलाड़ी की फॉर्म पर कोई असर नहीं पड़ता। जेमिमा की पारी ने बता दिया कि वह रन भी बना सकती हैं, रील्स भी बना सकती हैं और सभी की तरह उन्हें भी जीवन में आनंद करने का पूरा हक है।
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