व्यापार: अमेरिका और भारत के बीच संभावित ट्रेट डील को लेकर किस तरह की खबरें आ रही हैं, उससे साफ नजर आ रहा है कि ट्रंप और मोदी की दोस्ती अपना रंग दिखा रही है. यही कारण है कि करेंसी के रिंग में रुपया दबंग बना हुआ है. बीते कुछ दिनों से रुपए के सामने कोई करेंसी नहीं टिक पा रही है. यहां तक की डॉलर भी काफी बेबस सा दिखाई दे रहा है. खबरों के अनुसार अमेरिका की ओर से लगाया गया 50 फीसदी का टैरिफ 15 फीसदी पर आ सकता है. जिसका असर रुपए में तेजी के रूप में दिखाई दे रहा है. वहीं दूसी ओर विदेशी निवेशकों की वापसी ने भी रुपए को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है. इसके अलावा शेयर बाजार में तेजी भी अहम कारण हैं. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर रुया किस लेवल पर कारोबार करता हुआ हुआ दिखाई दे रहा है.
रुपए में आई तेजी
अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के मोर्चे पर आशावाद के चलते गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 13 पैसे बढ़कर 87.80 पर पहुंच गया. विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि विदेशी पूंजी प्रवाह, घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख और रिस्क-बेस्ड सेंटीमेंट ने निवेशकों की धारणा को बढ़ावा दिया. इंटरबैंक फॉरेन करेंसी एक्सचेंज मार्केट में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 87.80 पर खुला, जो पिछले बंद भाव से 13 पैसे की बढ़त दर्शाता है. सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 9 पैसे बढ़कर 87.93 पर बंद हुआ था. दिवाली और दिवाली बलिप्रतिपदा के कारण क्रमशः मंगलवार और बुधवार को विदेशी मुद्रा बाजार बंद रहे.
ट्रंप और मोदी में पॉजिटिव बातचीत
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर आशावाद के बाद भारतीय रुपया मजबूती से खुला. ट्रंप ने कहा कि भारत रूसी तेल खरीद में कमी लाएगा और बाजार को उम्मीद है कि जल्द ही एक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होंगे जिसमें भारत पर टैरिफ मौजूदा 50 प्रतिशत से घटाकर 15 से 16 फीसदी कर दिया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर व्यापार संबंधी मुद्दों पर चर्चा की.
दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के प्रयासों में जुटे हैं. वाशिंगटन द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत का भारी-भरकम टैरिफ़ लगाए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है. मंगलवार को हुई इस बातचीत के बाद ट्रंप ने भारत-अमेरिका संबंधों को “महान” बताया और बिना विस्तार से बताए कहा कि दोनों पक्ष कुछ “महान सौदों” पर काम कर रहे हैं.
भंसाली ने आगे कहा कि बाज़ार की धारणा सतर्क रहेगी क्योंकि व्यापारी आगे की दिशा के लिए वैश्विक संकेतों, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और आरबीआई के मौद्रिक संकेतों पर नज़र रखेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने इस दावे को दोहराया है कि भारत रूस से तेल खरीदना “बंद” करने पर सहमत हो गया है और साल के अंत तक इसे “लगभग शून्य” कर देगा. हालांकि, उन्होंने कहा कि यह एक प्रक्रिया है और इसमें कुछ समय लगेगा.
शेयर बाजार में 800 अंकों की तेजी
इस बीच, डॉलर इंडेक्स, जो छह मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाता है, 0.15 प्रतिशत बढ़कर 99.04 पर कारोबार कर रहा था. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 2.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ 64.24 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. घरेलू शेयर बाजार में, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 800 अंक बढ़कर 85,200 अंकों के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी 198.3 अंक बढ़कर 26,066.90 पर पहुंच गया. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 96.72 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.
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