तेल अवीव। इजरायली और अमेरिकी हमलों का ईरान ने बड़ा बदला लिया है। ईरान ने शनिवार दोपहर करीब आठ देशों में मौजूद अमेरिकी बेस पर ताबड़तोड़ हमले किए है। इसमें बहरीन के नेवल बेस, कतर, यूएई, सऊदी अरब, इजरायल, कुवैत, दुबई शामिल हैं। इन हमलों के बाद बहरीन ने कहा है कि अमेरिकी नेवी के पांचवें फ्लीट के हेडक्वार्टर को मिसाइल हमल किए गए है। वहीं कतर में भी धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। हालांकि, किसी भी नुकसान की तुरंत कोई खबर नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अबू धाबी में भी जोरदार धमाका हुआ है। दुबई में भी धमाकों की आवाज सुनी गई। ईरान ने खतरनाक मिसाइलों से अमेरिकी बेस को निशाना बनाया है। मिडिल ईस्ट में कई देशों में अमेरिकी मिलिट्री ने अपने बेस बनाए हुए हैं, जहां पर बड़ी संख्या में सैनिकों और हथियारों की तैनाती है।
इसके पहले, अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को पूरे ईरान में टारगेट कर बड़ा हमला किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी लोगों से अपनी सरकार पर कब्जा करने की अपील की। पहला हमला तेहरान के डाउनटाउन में 86 साल के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के घर के कंपाउंड को टारगेट कर किया गया। यह तुरंत साफ नहीं था कि वह उस समय वहां थे या नहीं।
ट्रंप ने वीडियो में कहा, बीते “47 सालों से, ईरानी शासन अमेरिका को मौत का नारा लगा रहा है और खून-खराबे और बड़े पैमाने पर हत्या का एक कभी न खत्म होने वाला कैंपेन चलाया है, जिसमें यूनाइटेड स्टेट्स, हमारे सैनिकों और कई, कई देशों के बेगुनाह लोगों को टारगेट किया है।” उन्होंने ईरानियों से हमलों के दौरान कवर लेने की अपील की, लेकिन फिर कहा कि जब हम खत्म कर लें, तब अपनी सरकार पर कब्जा कर लें। यह आपकी होगी। वहीं, इजरायली और अमेरिकी हमलों का ईरान ने जवाब देना शुरू कर दिया है। ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि उसने इजरायल को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइलों की पहली लहर लांच करके जवाब दिया। इस बीच, यमन में ईरान के सपोर्ट वाले हूतियों ने रेड सी शिपिंग रूट और इजरायल पर हमले फिर से शुरू करने की कसम खाई है। ऐसा दो सीनियर हूती अधिकारियों ने बयान में कहा।
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