भारत की स्टॉक मार्केट में बुधवार का दिन मीशो के निवेशकों के लिए बेहद खास रहा. कंपनी ने मार्केट में एंट्री लेते ही दमदार प्रदर्शन किया और लिस्टिंग के पहले ही दिन 60% तक की तेजी दिखा दी. इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और कंपनी की मार्केट में एंट्री ‘सुपरहिट डेब्यू’ के तौर पर दर्ज हो गई |
लिस्टिंग पर मिला तगड़ा प्रीमियम
मीशो का IPO इश्यू प्राइस 111 रुपए तय किया गया था. लेकिन जैसे ही कंपनी के शेयर NSE पर 162.05 और BSE पर 161.20 रुपए पर लिस्ट हुए, मार्केट में हलचल मच गई. लिस्टिंग के कुछ ही समय बाद शेयर BSE पर 177.55 रुपए के डे हाई तक पहुंच गया, यानी जिन निवेशकों को IPO के जरिए कंपनी के शेयर मिले हैं उन्हें शुरुआती लगभग 60% का फायदा मिला. ब्रोकरेज हाउस पहले ही इस तरह के दमदार डेब्यू की उम्मीद जता चुके थे |
IPO को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स
मीशो के IPO को निवेशकों ने दिल खोलकर सब्सक्राइब किया. कंपनी का इश्यू कुल मिलाकर 81.76 गुना सब्सक्राइब हुआ, जो हाल के वर्षों के सबसे दमदार टेक IPO में से एक है. इस आईपीओ को QIBs से 123.34 गुना, NII से 39.85 गुना और रिटेल इन्वेस्टर्स से 19.89 गुना सब्सक्रिप्शन मिला |
कंपनी कहां लगाएगी आईपीओ से जुटाया हुआ पैसा?
IPO से जुटाए गए 4,250 करोड़ के फ्रेश इश्यू और OFS की राशि का इस्तेमाल मीशो कई बड़े कामों में करेगी जैसे, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना, AI और मशीन लर्निंग टीमों को बढ़ाना, लॉजिस्टिक्स क्षमता सुधारना, मार्केटिंग खर्च बढ़ाना, और सब्सिडियरी MTPL के ज़रिए नए अधिग्रहण करना. कंपनी का फोकस स्केल बढ़ाने और टेक्नोलॉजी को मजबूत करने पर है |
कैसे बढ़ रहा है मीशो का बिजनेस मॉडल?
मीशो एक एसेट-लाइट ई-कॉमर्स मॉडल पर चलता है, जिसमें करोड़ों यूजर्स और छोटे मर्चेंट्स को एक साथ जोड़ता है. कंपनी की खासियत कम कीमतों पर प्रोडक्ट उपलब्ध कराना, फैशन होम और पर्सनल केयर जैसी हाई-फ्रीक्वेंसी कैटेगरीज उपलब्ध कराना और छोटे विक्रेताओं तक डिजिटल पहुंच बढ़ाना है. FY25 में मीशो के पास 7 लाख से ज्यादा सक्रिय सेलर्स और 234 मिलियन यूज़र्स थे |
रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन घाटा अभी चुनौती
कंपनी का FY25 का रेवेन्यू 26% बढ़कर 9,901 करोड़ रुपए हो गया. लेकिन बढ़ते ऑपरेशन कॉस्ट और कम मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स की वजह से नेट लॉस बढ़कर 3,942 करोड़ रुपए पहुंच गया. FY26 के पहले छह महीनों में भी 701 करोड़ रुपए का घाटा दर्ज हुआ. यानी रेवेन्यू और यूजर बेस बढ़ रहा है, लेकिन प्रॉफिट में आना कंपनी की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है |
लिस्टिंग के बाद सबसे बड़ा सवाल: प्रॉफिट कब?
हालांकि कंपनी कर्ज-मुक्त है, लेकिन एनालिस्ट्स का कहना है कि आने वाले समय में निवेशकों का फोकस ये रहेगा कि क्या मीशो यूनिट इकोनॉमिक्स बेहतर कर पाएगी और बड़े पैमाने पर लॉस कम होगा? इसके साथ ही निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या कंपनी ई-कॉमर्स की कड़ी प्रतिस्पर्धा में मार्केट शेयर बचा पाएगी? यानी पहले दिन की जोरदार लिस्टिंग ने एक मजबूत शुरुआत जरूर दी है, लेकिन सफर अभी लंबा है |
———————–
📝 Disclaimer
The content of this post is not originally published by us. The news and information provided here are sourced from trusted online sources, including NewsOnline.co.in
. We share this content only for informational and educational purposes. All rights to the original content belong to their respective owners. If you are the original author or copyright holder and wish to have this content removed or modified, please contact us, and we will take immediate action.


