व्यापार: साल 2025 केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए खास साबित हुआ है. इस साल सरकार ने रिटायरमेंट, पेंशन और भत्तों से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव किए हैं, जिनका सीधा असर लाखों कर्मचारियों की जेब और भविष्य दोनों पर पड़ेगा. आइए समझते हैं कि ये पांच बड़े बदलाव क्या हैं और इनसे क्या फायदा होगा.
नई एकीकृत पेंशन योजना (UPS) अब पेंशन की गारंटी भी, सुरक्षा भी
कई सालों से सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत आते रहे हैं, जिसमें पेंशन का पैसा बाजार पर निर्भर होता था. इससे कर्मचारियों को भविष्य की आय को लेकर असुरक्षा रहती थी. अप्रैल 2025 में सरकार ने एकीकृत पेंशन योजना (UPS) शुरू की है, जो पुरानी पेंशन योजना (OPS) और NPS दोनों का मिश्रण है.
इस नई योजना के तहत, जो कर्मचारी 25 साल की सेवा पूरी करेंगे, उन्हें पिछले 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50% पेंशन मिलेगा. यदि किसी ने 10 साल की सेवा पूरी की है, तो उसे कम से कम ₹10,000 मासिक पेंशन की गारंटी मिलेगी. इससे अब सरकारी कर्मचारियों को एक स्थिर और भरोसेमंद पेंशन मिल सकेगी.
महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी
महंगाई के असर से राहत देने के लिए सरकार ने 2025 में दो बार डीए और डीआर में बढ़ोतरी की. जनवरी से जून के बीच 2% और जुलाई से दिसंबर के बीच 3% की बढ़ोतरी की गई. अब डीए 58% तक पहुंच गया है. इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की मासिक आय में सीधा फायदा होगा.
अब रिटायरमेंट के दिन से ही मिलेगी पेंशन नई प्रक्रिया लागू
पहले कई रिटायर होने वाले कर्मचारियों को महीनों तक पेंशन पास ऑर्डर (PPO) का इंतजार करना पड़ता था. अब सरकार ने इस प्रक्रिया को आसान बना दिया है. सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे कर्मचारी की रिटायरमेंट फाइल 12-15 महीने पहले तैयार करें, ताकि सेवानिवृत्ति के दिन से ही पेंशन और ग्रेच्युटी मिलना शुरू हो जाए. यह बदलाव कर्मचारियों को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाएगा और लंबे इंतजार से राहत देगा.
यूनिफॉर्म भत्ता अब सेवा अवधि के अनुसार मिलेगा
पहले यूनिफॉर्म भत्ता साल में एक बार तय रकम के रूप में दिया जाता था, भले ही कोई बीच में रिटायर हो जाए. अब नियम बदला है, अगर कोई कर्मचारी साल के बीच में रिटायर होता है, तो उसे महीनों के हिसाब से आनुपातिक भत्ता मिलेगा.
ग्रेच्युटी और एकमुश्त राशि में सुधार
सरकार ने अब ग्रेच्युटी और एकमुश्त भुगतान के नियमों को भी बेहतर बनाया है. UPS योजना के तहत अब दोनों लाभ साथ में मिलेंगे, जिससे रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा मिलेगी. पहले NPS कर्मचारियों को इस सुविधा की कमी महसूस होती थी, लेकिन अब उन्हें भी इसका पूरा फायदा मिलेगा.
क्यों जरूरी थे ये बदलाव?
इन सभी सुधारों का उद्देश्य एक ही है, सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित, समय पर और स्थिर आय सुनिश्चित करना. सरकार चाहती है कि जो लोग वर्षों तक देश की सेवा करते हैं, उन्हें सेवा के बाद भी सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन मिले. कुल मिलाकर, 2025 में लागू हुए ये नए नियम न केवल रिटायरमेंट प्रक्रिया को आसान बनाते हैं, बल्कि कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा को भी मज़बूत करते हैं.
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