कमर के साइज से भी पता चलता है डायबिटीज का खतरा, दिक्कत बढ़ने से पहले कैसे करें बचाव?

Date:

हम में से बहुत से लोगों को नहीं पता कि हमारी बढ़ती कमर या कमर में जमा होती चर्बी हमारे शरीर को और शरीर के अंगों को कई तरह से नुकसान पहुंचाती है और कई तरह की बीमारियों को हमारे शरीर में प्रवेश करवाती है. रिपोर्ट के अनुसार, हमारी बड़ी कमर या कमर का बढ़ता घेरा सीधे हमारे लिवर पर हानिकारक असर करता है और हमें डायबिटीज होने का भी खतरा रहता है. कमर की बढ़ती चर्बी धीरे लिवर पर असर करके फैटी लिवर की समस्या का कारण बनती है. हमारे लिवर में जमा चर्बी शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा करती है, जिससे भविष्य में हमें टाइप 2 डायबिटीज होने का मुख्य कारण बनता है. कमर में बढ़ी चर्बी कई तरह की मेटाबॉलिक बीमारियां होने के खतरे को बढ़ाती है.

कमर की चर्बी और लिवर के बीच क्या है संबंध?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हमारी कमर में बढ़ता मोटापा यानी जमा होती चर्बी हमारे शरीर में कई तरह की मेटाबॉलिक बीमारियों को जन्म देती है, जिनका सीधा असर हमारे लिवर पर पड़ता है, जो फैटी लिवर की बीमारी का मुख्य कारण है. हमारे शरीर में बढ़ती चर्बी व मोटापा हमारे शरीर में सूजन होने के खतरे को बढ़ाता है, जिसका सीधा असर हमारे लिवर पर होता है, जिससे लिवर में सूजन होने की संभावना बढ़ती है, जो लिवर की बीमारियां जैसे फाइब्रोसिस होने के खतरे को बढ़ाती है.

भारतीयों में क्यों ज्यादा है फैटी लिवर का खतरा

शोध के अनुसार, भारतीयों को अन्य देशों और यूरोपीय देशों के मुकाबले फैटी लिवर और डायबिटीज होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है. ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर आपकी कमर सिर्फ 5 प्रतिशत तक भी बढ़ जाती है यानी चर्बी कमर के आसपास बढ़ जाती है, तो आपको फैटी लिवर और डायबिटीज होने का खतरा 20 प्रतिशत तक बढ़ जाता है. अगर आपके शरीर पर चर्बी ज्यादा नहीं है, लेकिन आपके शरीर के अंगों पर चर्बी जमा है, तो भी आपको बीमारी होने का खतरा रहता है. इसलिए अपने वजन के साथ साथ अपने शरीर के अंगों का भी विशेष ध्यान रखें.

बढ़ती कमर कैसे बढ़ाती है बीमारियों का खतरा

डॉक्टरों के अनुसार, लिवर में बढ़ती चर्बी हमारे लिवर को नुकसान पहुंचाती ही है, लेकिन यह हमें और भी बीमारियों के होने का खतरा बढ़ाती है, जिसमें सबसे ज्यादा आम है डायबिटीज. जब हमारे शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होती है, तो इससे हमारे लिवर में सूजन पैदा होती है और इसी सूजन के कारण शरीर में मौजूद इंसुलिन अपना काम सही से नहीं कर पाती, यानी इंसुलिन रेजिस्टेंस की स्थिति बनती है, जिस कारण हमें डायबिटीज होने का खतरा रहता है. अगर आपको डायबिटीज से बचाव करना है, तो कमर और कूल्हे के अनुपात को जांचकर आप डायबिटीज के खतरे का अंदाजा लगा सकते हैं.

———————–
📝 Disclaimer

The content of this post is not originally published by us. The news and information provided here are sourced from trusted online sources, including NewsOnline.co.in
. We share this content only for informational and educational purposes. All rights to the original content belong to their respective owners. If you are the original author or copyright holder and wish to have this content removed or modified, please contact us, and we will take immediate action.

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

शेयर मार्केट में बंपर तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल, एशियन

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स टॉप गेनर्स की लिस्ट में...

ड्रोन तकनीक को नई दिशा देगा चमगादड के उडान का तरीका

लंदन । वैज्ञानिकों के लिए लंबे समय से सवाल...

चांदी पहली बार 3.70 लाख पर पहुंची, एक झटके में लगाई 40500 रुपये की ऊंची छलांग

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में मंगलवार को सोने और...