ईरान पर अमेरिका और इजरायल की ओर से लगातार हमले किए जा रहे हैं. इसके जवाब में ईरान भी ड्रोन हमलों के जरिए अपनी ताकत दिखा रहा है. युद्ध शुरू हुए करीब 12 दिन हो चुके हैं. लेकिन इस बार एक दिलचस्प बात देखने को मिल रही है. ऐसे संकट के समय आमतौर पर सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल आता है, लेकिन ईरान युद्ध के दौरान ऐसा नहीं हो रहा है.आमतौर पर जब भी कोई बड़ा युद्ध या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश में सोना खरीदते हैं, जिससे इसकी कीमत बढ़ जाती है. लेकिन फिलहाल सोना-चांदी की कीमतों में उल्टा गिरावट देखने को मिल रही है |
क्यों नहीं चमक रहे सोना-चांदी
ईरान के साथ 28 फरवरी को जब युद्ध शुरू हुआ, उस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5416 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा था. लेकिन मिडिल ईस्ट में भारी तनाव के बावजूद इसकी कीमत गिरकर करीब 5108 डॉलर प्रति औंस पर आ गई.अगर भारत में कीमतों की बात करें तो Multi Commodity Exchange of India (एमसीएक्स) पर 28 फरवरी को सोना करीब 1.67 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास था, जो अब घटकर करीब 1.59 लाख रुपये रह गया है.इसी तरह चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखी गई है. 28 फरवरी को एमसीएक्स पर चांदी करीब 2.89 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर थी, जो 13 मार्च तक गिरकर लगभग 2.62 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई |
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक युद्ध के बावजूद सोना-चांदी की कीमतों में सुस्ती की सबसे बड़ी वजह U.S. Dollar Index में मजबूती है. जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर मजबूत होता है, तो सोना खरीदना महंगा पड़ता है. इससे अस्थायी रूप से सोने और चांदी की मांग कम हो जाती है.यानी साफ तौर पर कहा जा सकता है कि युद्ध के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों और मजबूत अमेरिकी डॉलर ने फिलहाल सोना-चांदी की चमक को थाम कर रखा है |
———————–
📝 Disclaimer
The content of this post is not originally published by us. The news and information provided here are sourced from trusted online sources, including NewsOnline.co.in
. We share this content only for informational and educational purposes. All rights to the original content belong to their respective owners. If you are the original author or copyright holder and wish to have this content removed or modified, please contact us, and we will take immediate action.


