वाशिंगटन। अमेरिका के सांसदों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पूर्व अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और चीन के बीच एआई को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा अब देश की सुरक्षा का बड़ा मुद्दा बन चुकी है। उनका कहना है कि आधुनिक युद्ध, खुफिया तंत्र और आर्थिक ताकत की नींव अब एडवांस्ड एआई चिप्स पर टिकी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विशेषज्ञों ने बताया कि आने वाले दस सालों में एआई की यह दौड़ तय करेगी कि सैन्य शक्ति में आगे कौन रहेगा और क्या अमेरिका चीन पर अपनी तकनीकी बढ़त बनाए रख पाएगा या नहीं। समिति के अध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा कि एआई की दौड़ जीतना अमेरिका की राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा दोनों के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर इस बात पर पड़ेगा कि सैन्य ताकत में अमेरिका चीन से आगे रहता है या नहीं।
समिति के अध्यक्ष के मुताबिक आज एआई का इस्तेमाल सेना के कमांड सिस्टम, निगरानी, साइबर ऑपरेशन और परमाणु हथियारों के आधुनिकीकरण में हो रहा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मैट पॉटिंजर ने चेतावनी दी कि अगर चीन को एडवांस्ड अमेरिकी एआई चिप्स तक पहुंच दी गई, तो उसकी सैन्य ताकत बढ़ेगी। उनका कहना था कि एनविडिया की एडवांस्ड चिप्स चीन की साइबर युद्ध, ड्रोन और खुफिया क्षमताओं को मजबूत कर सकती है। पॉटिंजर ने बताया कि चीन की नीति में जो तकनीक आम इस्तेमाल के लिए बनती है, वही सैन्य कामों में भी जाती है।
पूर्व बाइडन प्रशासन अधिकारी जॉन फाइनर ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच एआई अब सबसे अहम प्रतिस्पर्धा बन चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर लापरवाही भारी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि चीन तेजी से एआई को महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी के रूप में देख रहा है जो उनकी आर्थिक और सैन्य महत्वाकांक्षा को सक्षम बनाएगी। इसी वजह से एडवांस्ड चिप्स और सेमीकंडक्टर निर्माण उपकरणों के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध चीन की रफ्तार को धीमा करने में अहम रहे हैं। पॉटिंजर के मुताबिक चीन विदेशों से एडवांस्ड चिप्स खरीदकर इस कमी को पूरा करने की कोशिश कर रहा है और हर हाल में अमेरिका की बराबरी करना चाहता है। सांसदों ने इस बात पर भी चिंता जताई कि अमेरिकी चिप्स खरीदने वाली प्राइवेट चीनी टेक्नोलॉजी कंपनियां अक्सर सरकार के साथ मिलकर काम करती हैं। पोटिंगर ने डीपसीक, अलीबाबा और टेनसेंट जैसी कंपनियों का उदाहरण दिया, जो चीन के बड़े मिलिट्री लक्ष्यों से जुड़ी हैं।
———————–
📝 Disclaimer
The content of this post is not originally published by us. The news and information provided here are sourced from trusted online sources, including NewsOnline.co.in
. We share this content only for informational and educational purposes. All rights to the original content belong to their respective owners. If you are the original author or copyright holder and wish to have this content removed or modified, please contact us, and we will take immediate action.


