इस्लामाबाद । जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक है। उनके बेटे कासिम खान ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान सरकार जानबूझकर उनके और उनके बड़े भाई सुलेमान के वीजा आवेदन रोक रही है, जिससे वे अपने पिता से मिलने पाकिस्तान नहीं जा पा रहे हैं। कासिम ने पोस्ट में लिखा कि उनके पिता को 914 दिनों से एकांत कारावास में रखा गया है, जहां उनकी सेहत बिगड़ रही है और उन्हें स्वतंत्र चिकित्सा सुविधा से वंचित रखा गया है। उन्होंने कैदी के इलाज से वंचित रखने और बच्चों को पिता से मिलने के अधिकार से वंचित करने वाला सामूहिक दंड बताया।
रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब सरकार ने इमरान खान को पाकिस्तान चिकित्सा विज्ञान संस्थान (पीआईएमएस) में स्थानांतरित करने की पुष्टि की। उधर इमरान की पार्टी पीटीआई ने गुप्त स्थानांतरण बताकर अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने परिवार और पार्टी नेतृत्व को अनभिज्ञ रखा और निजी डॉक्टरों से मिलने से रोका। विपक्ष के नेता महमूद खान अचकज़ई ने भी नेशनल असेंबली में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अपील की कि इमरान को उनके विश्वसनीय चिकित्सकों द्वारा चिकित्सा जांच की अनुमति दी जाए। बात दें कि कासिम और सुलेमान फिलहाल अपनी मां जेमिमा गोल्डस्मिथ के साथ लंदन में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने दिसंबर 2025 में वीजा के लिए आवेदन किया था और जनवरी में पाकिस्तान आने की योजना बनाई थी, लेकिन अब अधिकारियों ने वीजा जारी करने से इंकार किया है। इससे इमरान खान तक पहुंच और उनके इलाज को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। वहीं इमरान के सुपुत्र कासिम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इमरान की सेहत और मानवाधिकार की सुरक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप करें ताकि अपरिवर्तनीय नुकसान से पहले उनकी मदद की जा सके। इस पूरी स्थिति को पाकिस्तान में राजनीतिक और मानवाधिकार संकट के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री की स्वास्थ्य समस्याओं और परिवार तक उनकी पहुंच पर रोक के बीच व्यापक चिंता पैदा हो गई है।
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